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रूस में 4 साल से क्यों कैद था अमेरिकी नागरिक? जानें कौन हैं स्टीफन हबर्ड जिनके लिए ट्रंप ने की थी पुतिन से बात

 Written By: Vineet Kumar Singh
 Published : Oct 21, 2026 04:28 pm IST,  Updated : Oct 21, 2026 04:28 pm IST

रूस ने 4 साल से अधिक समय से हिरासत में रहे अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया। उनकी रिहाई में डोनाल्ड ट्रंप की पुतिन से बातचीत और अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों की अहम भूमिका मानी जा रही है।

Stephen Hubbard Released, Russia Releases American Citizen- India TV Hindi
डोनाल्ड ट्रंप ने स्टीफन हबर्ड का मुद्दा पुतिन के सामने उठाया था। Image Source : AP

Highlights

  • रूस ने 4 साल से अधिक समय से हिरासत में रखे अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा किया।
  • राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पुतिन के सामने हबर्ड की रिहाई का मामला उठाया था।
  • अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा के बीच रिहाई की खबर सामने आई।

सेंट पीटर्सबर्ग: रूस ने बुधवार को अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड को रिहा कर दिया। हबर्ड 4 साल से भी ज्यादा समय से रूस की हिरासत में थे। वह मिशिगन के रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक हैं। अमेरिका के विदेश विभाग ने उन्हें गलत तरीके से हिरासत में रखा गया अमेरिकी नागरिक घोषित किया था। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी रिहाई ऐसे समय हुई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर के दौरे पर पहुंचे हैं।

ट्रंप ने पुतिन के सामने उठाया था हबर्ड का मामला

हबर्ड की रिहाई से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत में अमेरिकी नागरिक का मामला उठाया था। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, विटकॉफ के रूस दौरे से पहले एक अमेरिकी अधिकारी ने भी हबर्ड की रिहाई के प्रयासों की जानकारी दी थी। अधिकारी ने कहा था कि विशेष दूत की यात्रा में गलत तरीके से हिरासत में रखे गए अमेरिकी नागरिक हबर्ड की रिहाई के लिए प्रयास किए जाने की उम्मीद है।

कौन हैं स्टीफन हबर्ड, रूस ने क्यों किया था डिटेन?

स्टीफन हबर्ड मिशिगन के रहने वाले एक रिटायर्ड शिक्षक हैं। उन्होंने कई दशकों तक विदेशों में अंग्रेजी पढ़ाने का काम किया। साल 2014 में वह यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में स्थित इजियम शहर चले गए थे। फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था। इसी दौरान रूसी सेना ने इजियम शहर पर कब्जा कर लिया था और हबर्ड को पकड़ लिया था। हबर्ड का मामला इसी क्षेत्र में उनकी मौजूदगी और यूक्रेन में जारी युद्ध से जुड़ा रहा।

रूस ने यूक्रेनी सेना के साथ लड़ने का लगाया था आरोप

रूसी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि हबर्ड ने इजियम में यूक्रेनी सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। रूसी सरकारी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने इसके लिए करीब 1000 अमेरिकी डॉलर प्रति महीने के भुगतान वाले अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, हबर्ड की बहन पेट्रीसिया हबर्ड फॉक्स ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने इस दावे को झूठ बताया था। अमेरिका ने हबर्ड को गलत तरीके से हिरासत में रखा गया नागरिक माना था। अब उनकी रिहाई को रूस और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

रूस में डिटेन किए गए अमेरिकी नागरिकों की रिहाई पर जोर

हबर्ड की रिहाई रूस में हिरासत में रखे गए अमेरिकी नागरिकों को वापस लाने की कोशिशों में एक नया घटनाक्रम है। रूस और अमेरिका के बीच कूटनीतिक बातचीत में ऐसे मामले कई बार अहम मुद्दे बनते रहे हैं। इससे पहले अगस्त में अमेरिकी मरीन के पूर्व सैनिक रॉबर्ट गिलमैन को भी रिहा किया गया था। उन्हें मानवीय आधार पर रिहाई मिली थी। उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, जब वह विशेष चिकित्सा विमान से अमेरिका लौटे, तब उनका वजन काफी कम हो चुका था और वह बेहद कमजोर दिखाई दे रहे थे।

रॉबर्ट गिलमैन के साथ हिरासत में यातना देने का भी आरोप

रॉबर्ट गिलमैन की रिहाई के लिए अभियान चलाने वाले संगठन ने आरोप लगाया था कि रूस में हिरासत के दौरान उन्हें यातना दी गई। गिलमैन का मामला भी रूस में हिरासत में रखे गए अमेरिकी नागरिकों की स्थिति को लेकर चर्चा में रहा। हबर्ड की रिहाई के साथ एक बार फिर ऐसे मामलों पर ध्यान गया है। इन घटनाओं के बीच अमेरिका अपने नागरिकों की रिहाई के लिए रूस के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।

पुतिन से मुलाकात के लिए सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे विटकॉफ

अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की सेंट पीटर्सबर्ग यात्रा रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच हुई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, विटकॉफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ तय बैठक के लिए शहर पहुंचे। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द खत्म करने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देशों से शांति की कोशिशों को आगे बढ़ाने में मदद करने का आग्रह किया है। (ANI से इनपुट्स के साथ)

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